अगर आप भी है घुटनों के दर्द से परेशान तो करे इन योगासनों को ट्राई - yoga for knee pain

व्यक्ति बढ़ती उम्र के साथ शरीर कई बीमारियों का शिकार हो जाता है। जवान हो या बूढ़ा हर कोई अपने जोड़ो के दर्द से परेशान है।समस्या बड़ने पर ये आर्थराइटिस या गठिया रूप ले लेता है। हमारी दिनचर्या ऐसी हो गई है की शरीर की गतिविधियों पर हम ध्यान नहीं दे पाते। ऑफिस में घंटो बैठ कर कम करते है, सही deit नही ले पाते। इस कारण शरीर कही बीमारियों से घिर जाता है और इसका पता तब चलता है जब बीमारी को 1 stage paar ho जाती है। इसमें से ही एक common समस्या घुटनों के दर्द की है। उम्र बड़ने के साथ जोड़ो और घुटनों में दर्द होना आम बात है।लेकिन कुछ व्यायाम के द्वारा हम इन लम्बे समय तक स्वस्थ रख सकते है।

क्यों होता है घुटनों में दर्द-Why does knee pain occur?
घुटना शरीर का ऐसा हिस्सा है जो हमारे पूरे शरीर का भार उठता है।फेमर और टिबिया नाम की दो हड्डियां होती है,जो घुटने के पास जाकर रुकती है पर एक दूसरे से जुड़ती नही है।घुटने के जोड़ वाले हिस्से पर एक कार्टिलेज की परत चढ़ी होती है जो ग्रीस की तरह चिकनी होती है और यही कार्टिलेज घुटनों को चलाने मोड़ने में मदद करती है।चोट लगने से या कोई घाव होने से या बढ़ती उम्र के साथ ये कार्टिलेज घिसना शुरू हो जाती है या कह सकते है की इसमें ग्रीस खत्म होने लगती है,जिस कारण फेमर और तिबिया दोनो हड्डियां आपस में टकराती है और घुटनों में दर्द की समस्या होने लगती है।

घुटनों के दर्द के अन्य और भी कारण है जैसे 

1. मोटापा: मोटापे के कारण शरीर का पूरा वजन आपके  घुटनों पर पड़ता है,जिस कारण घुटने डेमेज होने लगते है।

2. व्यवसाय: जो सारा दिन घुटने मोड़ कर काम करते है,पलथी मार कर बैठे रहते है जैसे कारपेंटर, इलेक्ट्रीशियन  दकानदार। उन लोगो को भी घुटनों में दर्द की समस्या होने लगती है।

3. खेलकूद: वैसे तो खेल खुद से शरीर स्वस्थ और एक्टिव बनता है, लेकिन खेलकूद में एक ही एक्टिविटी के बार बार दोहराएं जाने के करण कार्टिलेज पर दवाब पड़ता है और घुटनों में दर्द की समस्या होने लगती है।

4. संक्रमण:  कभी कभी टीबी और बेक्टीरियल इन्फेक्शन की वजह से भी घुटनों की समस्या हो जाती है। इन्फेक्शन    की वजह से घुटनों में दर्द, अकड़न, सूजन की शिकायत रहती है। इस दर्द को जानने के लिए एक्सरे, खून की जांच और एमआरआई स्कैन करवाने पड़ते है।

5. ट्यूमर:  अगर आपकी बॉडी में कैंसन जन्म ले चुका है,  तो ये भी घुटने के दर्द का कारण बन सकता है। लेकिन  कैंसर का ट्यूमर की वजह से होने वाले दर्द को एक्सरे, एमआरआई या सर्जरी द्वारा की पहचाना जा सकता है।

6. ओस्टियोआर्थराइटिस: घुटनों की दोनो हड्डियो के बीच  जो कार्टिलेज होता है उसके टूटने या घिसने से घुटनों में दर्द्द  और अकड़न हो जाती है। उस ही ओस्टियोआर्थराइटिस कहते है।

घुटनों के दर्द में करे यह योगासन- Do this yoga asana in knee pain 

1 गुल्फ नमन आसन 

1. इस आसन को करने के लिए पैरो को सामने सीधा खोल के दंड आसन में बैठ जाए।

2. अब स्वास के साथ पर के टखनों को ऊपर नीचे करे।               

3. स्वास लेते हुए टखनों को ऊपर करे और स्वान बाहर छोड़ते हुए नीचे करे।

4. जितना हो सके टखनों को अंदर बाहर खींचे।

5. इस प्रक्रिया को 10 से 15 बार करे। 

6. इस आसन को करते समय पैरो की मांशपेशियों में खिंचाव महसूस करे।

2 जानू नमन आसन 

1. इस आसन को करने के लिए पर खोल सीधे खोल  कर दंड आसन में बैठ जाए।

2. अब अपने दाएं पर के घुटने को मोड़ते हुए चेस्ट के पास लाए ।

3. दोनो हाथो को जांघों के नीचे ले कर जाए और फिंगर इंटरलॉक करले।

4. अब स्वास भरते हुए पर को सीधा खोले और  स्वास बाहर छोड़ते हुए वापस छाती(chest)के पास ले कर आए।

5. इस प्रक्रिया को 10 से 15 बार करे और करते समय कमर बिल्कल सीधी रखे।

6. बाएं पैर से भी इस प्रक्रिया को दोहराएं।

3 जानू चक्रासन 

1. इस आसन को करने के लिए पर सामने खोल कर दंड आसन में सीधा बैठ जाए।

2. अब घुटने को मोड़ते हुए थाई को छाती के पास  लाए।            

3. दोनो हाथो को जांघो के नीचे ले कर जाए और उंगलियां इंटरलॉक करे।

4. अब पर को ऊपर उठाते हुए अपनी समता के हिसाब से 5 से 10 बार गोल घुमाए।

5. जब पर ऊपर ले जाते समय स्वास भरे और नीचे  लाते समय स्वास छोड़ दे।

6. इस प्रक्रिया को क्लॉक और एंटीक्लॉक दोनो  तरफ से घुमाए।

7. इस प्रक्रिया को दूसरे पर से भी दोहराए। इस दौरान कमर को सीधा रखे।

4 ताड़ासन 

1. इस आसन को करने के लिए योगा मैट पर सीधे  खड़े हो जाएं।

2. दोनो पैरो को आपस में मिला ले अगर न बने तो पैरो में 1 फीट का गैप भी रख सकते हैं।         

3. अब दो हाथ को की उंगलियों को आपस में जोड़ इंटरलॉक करे ।

4. अब स्वास भरते हुए दोनो हाथ को सीधा सर के  ऊपर ले कर जाए और साथ में एड़ियों को भी ऊपर उठाए।                

5. पूरे शरीर का भार पंजों पर डाले और पूरे शरीर  को ऊपर की ओर ताने।

6. शुरुआत में 10 से 15 सेकंड इस अवस्था में रुके।

7. अब स्वास को भर छोड़ते हुए वापस नीचे आ जाए।                  

8. इस आसन को 2 बार दोहराए।

5 पादहस्तासन 

1. इस आसन को करने के लिए मैट पर सीधे खड़े हो जाए।

2. अब स्वांस भरते हुए दोनो हाथो को सामने खींचते हुए सर के ऊपर ले कर जाए।

3. अब स्वांस को बाहर छोड़ते हुए निचनी कमर से दोनो हाथो के साथ नीचे झुके।

4. दोनो हथेलियों को जमीन पर रखने की कोशिश करे या फिर दोनो हाथो से अपने काफ को भी पकड़ सकते है।

5. घुटनों और पंजों को दबा कर टाईट रखे और पैरो में खिंचाव को महसूस करे।

6. इस अवस्था में 10 से 15 सेकेंड रुके।

7. अब स्वांस भरते हुए शरीर और हाथो को टाइट रखत हुए वापस ऊपर अजाए।


6 वीरभद्रासन 

1. इस आसन को करने के लिए योगा मैट पर सीधे  खड़े हो जाएं।

2. अब पैरो को 2 से 3 फीट तक खोले।

3. दाएं पैर को और शरीर के ऊपरी हिस्से को दाई तरफ घुमाए और दाएं घुटने को को मोड़ और 90°डिग्री का एंगल बनाए।

4. बाएं पर के टखने को सामने के तरफ सीधा रखे।

5. अब दोनो हाथो को सर के ऊपर ले जाए, दोनो  हथेलियां मिला कर रखे और शरीर को थोड़ा पीछे की ओर झुकाएं।

6. इस अवस्था में 10 से 15 सेकंड रुके।

7. इस प्रक्रिया को दूसरे पर से भी दोहराएं

8. इस आसन को शुरुआत में 2 बार करे।

7 स्टैंडिंग नी रोटेशन 

1. योगा मैट पर सीधे खड़े हो जाए।

2. दोनो पैरो के बीच 1/2 या 1 फीट का गैप रखे।

3. अब शरीर के ऊपरी हिस्से को थोड़ा आगे झुकाते हुए दोनो हथेलियों को दोनो जांघो पर रखे।

4. अब दोनो घुटनों को गोल घुमाना शुरू करे।

5. पहले 10 बार क्लॉक वाइज और फिर 10 बार  एंटीक्लोक वाइज घुमाए।

8 मकरासन 

1. इस आसन को करने के लिए पेट के बल लेट  जाएं।                

2. अब दोनो कोहनियों को स्टैंड बनाते हुए हथेलियों को ठोडी के नीचे लगा कर रखे।

3. छाती को ऊपर उठा कर रखे, पैरो और कोहनियों को मिला कर रखे।

4. अब स्वास भरते हुए और घुटनों को मोड़ते हुए एडियो को कुल्हो( hip) के पास लाने की कोशिश करे।                      

5. अब स्वास छोड़ते हुए सीधा करे।

6. इस प्रक्रिया को 10 से 15 पर दोहराएं।

9 मकर अधोमुख सवासन(forearm plank ) 

1. इस आसन को करने के लिए पेट के बल लेट जाएं।                 

2. अब धीरे से अपने शरीर के आगे वाले हिस्से को  बाहों (forearm) का सहारा देते हुए उठाएं।

3. बाहों और हथेलियों को जमीन पर कंधो की सीध में रखे ।

4. अब अपने शरीर के पीछे के हिस्से को उठाए और शरीर का भार अपने पंजों पर डाले।

5. अब पूरे शरीर को एक सीध में रखे।

6. अपनी पूरे शरीर को खीच कर रखे घुटनों को सीधा रखे और पैरो की मांसपेशियों में खिंचाव महसूस करे 

7. इस अवस्था में 10 से 15 सेकंड रुके। 

10. पर्वतासन (mountain poes)

1. इस आसन को करने के लिए योगा मैट पर घुटने मोड़ कर वज्रासन में बैठे।

2. अब जांघो को उठाए और घुटनों के बल खड़े को जाए।             

3. दोनो हथेलियों को जमीन पर आगे रखे और टेबल जैसी आकृति बनाए।

4. अब स्वांस को बाहर छोड़ते हुए अपने घुटनों को जमीन से उठाए।

5. अपने कोहनियों और पैरो को सीधा करने की कोशिश करे।

6. अपने नाभी को देखने की कोशिश करे, इस दौरान हाथो को नीचे जमीन को तरफ खींचे

7. एडियो को जमीन से लगा कर रखे, अगर एडिया  उठ रही है तो पैरो को थोड़ा आगे करले और घुटने टाइट रखे।                         

8. इस अवस्था में 10 से 15 सेकेंड रुके।

9. फिर सामान्य स्वस्थ वापस अजाए।

10. इस आसन को 2 बार करे।

11 सेतुबंद आसन ( bridge poes)

1. अपने मैट पर पीठ के बल सीधा लेट जाएं।

2. अपने दोनो पैरो को मोड़े।

3. अब धीरे से स्वांस अंदर भरते हुए कुल्हों (hips) को जितना संभव हो ऊपर उठाएं ।

4. हाथो को सीधा रखे और उंगलियों से एड़ियों को  पकड़े यदि संभव हो तो।

5. इस अवस्था में 10 से 15 सेकंड रुके।

6. अब स्वांस बाहर छोड़ते हुए शरीर सामान्य  अवस्था में नीचे ले आएं।

7. इस आसन को 2 बार दोहराएं।

12 उत्तानपादासन( leg raised poes)

1. मैट पर पीठ के बल लेट जाए।

2. दोनो हाथो को कमर के बगल में सीधा रखे।

3. हथेलियां जमीन के तरफ रखे।

4. अब अपने दाएं पैर को स्वांस लेते हुए 90° तक सीधा उठाए ।

5. पैर ऊपर ले जाते समय कुल्हों और जांघो में खिंचाव महसूस करे।

6.अब वापस स्वांस छोड़ते हुए पैर को नीचे लाएं।

7. इस प्रक्रिया को 10 बार करे।

8. अब दूसरे पैर से भी इस प्रक्रिया को दोहराएं।

13 पाद संचालनासन (cycling poes) 

1. इस आसन को करने के लिए पीठ के बल लेट जाए।

2. अब दाएं पर को ऊपर उठाएं।

3.अब सीधा 90° पर ले कर आए और छाती के पास से मोड़ते हुए वापस 30° तक सीधा लेकर जाए।

4. इस दौरान बाएं पर को सीधा रखे।

4. इस प्रक्रिया को 10 बार क्लॉक और 10 बार एंटीक्लोक वाइज घुमाएं।

5. दूसरे पैर से भी इस प्रक्रिया को दोहराएं।

नोट - अगर घुटनों में जड़ा दर्द हो तो ज़मीन पर बैठ कर करने वाले आसनों को कुर्सी पर बैठ कर करे। दर्द यदि गंभीर है तो शुरुआत में 5 सेकेंड तक ही एक आसन में रुके और अपनी शरीर की समता के अनुसार ही आसनों को करे।






 



















     




 


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