अगर आपको कमर दर्द है तो इन 5 आसनों का अभ्यास करें
यदि आप दिन में 10 मिनट भी योग का अभ्यास करते हैं, तो आपको अपने शरीर के बारे में अधिक जानकारी मिलती है, इससे आपको पता चलता है कि आपके शरीर का कौन सा हिस्सा तनाव में है । यदि आपका दर्द गंभीर है, तो चिकित्सीय सलाह जरूर लें, लेकिन यदि दर्द गंभीर नहीं है, तो योग से आप उस दर्द से छुटकारा पा सकते हैं। योग आसन शरीर को आराम देते हैंऔर शरीर को मजबूत करते हैं। ऐसे ही कुछ आसान नीचे दिए गए है जिनको करके आप कमर का दर्द दूर कर सकते है:
1. उष्ट्रासन(camel poes)
यह आसन पीठ की कोशिकाओं को लोच प्रदान करता है, और रीढ़ की हड्डी की नसों को उत्तेजित करता है, जिससे पीठ दर्द, गर्दन दर्द, कुबड़ापन में राहत और लाभ मिलता है।
उष्ट्रासन के फायदे:
1. ये आसान पाचन सुधारने में मदद करता है क्योंकि इस आसान में पेट पर खींचाव पड़ता है जो पेट के अंगो की मालिश करता है।2. रीढ़ की हड्डि के दर्द में आराम दिलाता है ओर कमर को लचीला बनाता है।
3. कंधों को मजबूत बनाता है।
4. ऊपरी पीठ की मांसपेशियों में भी खींचाव डालता है।
आसान को करने का तरीका:
1. अपने दोनों पैरों को घुटनों से मोड़ें और वज्रासन में बैठें
2. अब दोनों घुटनों के बल खड़े हो जाए।
3. अब दाहिने हाथ(right hand) को कमर पर रखें,और बांए हाथ को बांए पैर की ओर ले जाएँ और एड़ी पकड़ने की कोशिश करे।
4. अब दाहिने हाथ को कमर से हटा दें और सांस छोड़ते हुए दाहिने पैर की एड़ी को पकड़ें।
5. सिर और रीढ़ को पीछे की ओर झुकाएं, जांघों को सीधा करने का प्रयास करें
6. जब तक संभव हो इस अवस्था में रहे।
7. अब, एक हाथ को एड़ी से हटाकर, उसे आगे लाएं, इस प्रकार दूसरे हाथ को भी आगे लाएं और वापस सामान्य अवस्था में आ जाएं।
इस आसन को शुरुआत में कैसे करें
एक-एक हाथ से आसन करने की कोशिश करें, दोनों हाथों को एक साथ पीछे न ले जाएँ (पहले एक हाथ को पीछे ले जाएँ और फिर वापस लाएँ, फिर दूसरे हाथ को पीछे ले जाएँ और फिर वापस लाएँ)।
इन स्थितियों में इस आसन को न करें
जिन लोगों को पीठ या गर्दन में गंभीर दर्द होता है, उन्हें यह आसन नहीं करना चाहिए।
2. भुजंगासन(cobra poes)
भुजंग का अर्थ है साँप और आसान का अर्थ है मुद्रा। दोनों को मिलाकर सर्प के जैसा एक आकर बनाता हैं, इसलिए इसको भुजंगासन का नाम दिया गया है, भुजंगासन पीठ की जकड़न को कम करता है।
भुजंगासन के फायदे:
1. ये आसान कमर के दर्द को दूर करता है ओर रीढ़ की हड्डी(lower back) को फ्लेक्सिबल बनाता हैै।आसान को करने का तरीका:
1. अपने पेट के बल लेटें, दोनों पैरों को मिलाकर सीधा रखें।2. अब अपने दोनों हाथों की हथेलियों को जमीन पर कंधो से थोड़ा नीचे रखें।
3. अपने माथे को जमीन पर रखें।
4. अब सांस भरते हुए धीरे-धीरे सिर, गर्दन और कंधों को ऊपर उठाएं और कोहनियों को सीधा करें (हाथो को सीधा करने में कठिनाई हो तो कोहनियों को हल्का मोड़ सकते है)।
5. सर ओर गर्दन को सामने की ओर सीधा रखे।
6. 5 से 10 सैकंड रुके( जिनका कमर का दर्द बहुत ज्यादा हो) ।
6. अब कोहनी को मोड़ें और सर, छाती, कंधों को स्वांस छोड़ते (exhale) हुए नीचे लाएं।
7. इस आसान को 2 बार करें।
इन अवस्थाओं में ये आसान ना करें:
हर्निया रोगी ये आसान बिल्कुल ना करे(क्योंकी इस आसन से पेट पर अधिक खींचाव पड़ता है।3. मार्जारी आसान(cat pose)
मार्जरी का मतलब बिल्ली होता है,इस आसान को करते हुए शरीर बिल्ली के आकार का बनता है इसलिए इसको मार्जरी आसान कहते है। इस आसान के निरंतर अभ्यास से पीठ की मांसपेशियों की मालिश होती है ओर कमर लचीली बनती है।कमर का कैसा भी दर्द हो इस आसान को करने से आराम मिलता है।
मार्जारी आसान के फायदे
1. ये आसान रीढ़ की हड्डी को मजबूत करता हैै2. इस आसान को करने से पेट की मांशपेशियों पर खींचाव पड़ता है,जो पाचन सकती को बढ़ाता है।
3. महिलाओं की मासिक धर्म की समस्याओं को दूर करके है।
4. पीरियड्स में होने वाले दर्द को दूर करता है।
5. महिलाओं में होने वाली ल्युकोरिया( सफेद पानी) जैसे बीमारी को दूर करने में फायदा करता है ।
आसान को करने का तरीका:
1. अपने दोनों घुटनों को मोड़ें और वज्रासन की स्थिति में बैठें।2. अपने दोनों पैरों के बीच कंधों की दूरी जितना रखें, और अपने घुटनों पर खड़े रहें।
3. अब शरीर के ऊपरी हिस्से को झुकाते हुए, दोनों हथेलियों को जमीन पर इस तरह रखें कि उंगलियां बाहर की ओर रहें।
4. अब सांस भरते हुए सिर को ऊपर उठाएं और रीढ़ को नीचे की ओर खींचें
5. अब साँस छोड़ते समय, सिर को नीचे लाते समय नाभी को देखने की कोशिश करें और रीढ़ को ऊपर की ओर खींचे, ताकि नीचे की ओर वक्र का आकार बने।
6. इस प्रक्रिया को 15 से 20 बार करे, ओर फिर वापस घुटनों को मोड़ के वज्रासन में में बैठ जाएं।
इन अवस्थाओं में ये आसान ना करें
1. सर्वाइकल( गर्दन का दर्द) या गर्दन में चोट हो तो ये आसान ना करे।2. घुटनों के दर्द में ये आसान ना करे क्योंकि इसका प्रेशर घुटनों पर अधिक पड़ता है।
3. गर्भावस्था के दौरान ये आसान ना करे।
4. सिर में किसी प्रकार की चोट हो तो भी ये आसान ना करें
4. मर्कट आसान(spinal twist)
यह आसन कमर और रीढ़ में खिंचाव पैदा करता है, जिसके कारण दर्द में आराम मिलता है। लंबे समय तक बैठने से रीढ़ की हड्डी में अकड़न आ जाती है, इस आसन के अभ्यास से स्पाई में घुमावदार खिंचाव आता है।
आसान को करने का तरीका:
1. अपनी पीठ के बल सीधे लेट जाएं।2. अब दोनों हाथों को जमीन पर कंधों के सामने इस तरह से खोलें कि शरीर (T) शेप बन जाए।
3. अब अपने दोनों पैरों के घुटनों को मोड़कर नितम्बो (hips) के पास लेकर आए, दोनों घुटने एक दूसरे से मिलाकर रखें।
4. साँस छोड़ते समय, दोनों घुटनों को दाईं तरफ ज़मीन पर लाने की कोशिश करें, गर्दन और सिर को पैरों की विपरीत दिशा बाईं तरफ मोड़ें।
5. इस दौरान, दोनों पैरों के पंजे एक-दूसरे को स्पर्श करेंगे।
7. अब सांस लेते हुए दोनों पैरों को उठाएं और वापस बीच में लाएं।
8. अब इस प्रक्रिया को दूसरी तरफ से भी दोहराएं।
10. एक तरफ 15 से 20 सेकंड के लिए करें, अगर दर्द गंभीर है तो आप 5 से 10 सेकंड के लिए रुके।
5. सेतुबंध आसन(bridge pose)
सेतुबंध का मतलब पुल होता है इस आसान से शरीर का आकार पुल के जैसा बनता है इसलिए इसको सेतुबंध आसान कहते है। ये आसान कमर रीढ़ से संबंधित रोगों को दूर करता है। यह आपकी कमर को लचीला बनाता है और पीठ के दर्द से राहत दिलाता है।
सेतुबंध आसान के फायदे:
ये आसान छाती गर्दन ओर कमर में खींचाव डालता हैइस का खींचाव पेट पर पड़ता है जो मधुमेह(deibites) को कंट्रोल करता है,ओर पाचन सक्ती को मजबूत करता है
इस आसान से जांघो(thighs) पर खींचाव पड़ता है जिससे जांघो(thighs) ओर पैरों को मजबूती मिलती है
कंधों ओर गर्दन को मजबती देता है।
आसान को करने का तरीका:
1. अपनी पीठ के बल लेट जाएं, हाथों को शरीर के बगल में सीधा रखें और हथेलियों को जमीन की तरफ रखें।2. दोनों घुटनों को मोड़ते हुए एड़ियों को नितम्बो(hips) के पास लाएं।
3. अब सांस भरते हुए अपनी कमर को उठाएं, और अपने दोनों हाथों से अपने पैरों एंकल को पकड़ने की कोशिश करे( यदि संभव ना हो तो एंकल को ना पकड़े ओर दोनों हाथो को कमर के नीचे लगाकर कमर को सहारा दे।
4. 10 से 15 सेकंड इस अवस्था में रुके।
5. फिर सांस छोड़ते हुए शरीर को वापस नीचे लाएं।

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